Saturday, October 13, 2018

बिष्णु प्रसाद राभा की जीबनी (Bishnu Prasad Rabha biography in Hindi)

कलागुरु बिष्णु प्रसाद राभा की जीबनी (Kalaguru Bishnu Prasad Rabha biography in Hindi)

जिस व्यक्ति को असोमिअा संगीत और साहित्य जगत का उज्जवल सितारा माना जाता है उन्ही का नाम है बिष्णु प्रसाद राभा। दोस्तों आज में आपको इनके जीवन के बारे में बताऊंगा- Bishnu prasad rabha in hindi.


साहित्य ,संगीत और अन्य कलागत दिशाओ में वे  इतना प्रतिभाशाली व्यक्ति थे की असोमिआ समाज आज भी उनको "kalaguru" के नाम से ही याद रखते है। इसीलिए उनको आज मृत्यु के 48 साल बाद भी Kalaguru bishnu prasad rabha के नाम से पुकारा जाता है।

दोस्तों आज हम इस लेख में बिष्णु प्रसाद राभा की जीबनी (Bishnu Prasad Rabha biography in hindi) को ही अध्ययन करेंगे, अगर आप भी इस महान प्रतिभाशाली व्यक्ति के बारे में जानने को उच्छुक हो तो ये लेख आपके लिए जरूर सहायक बनेगी।

तो चलिए आरम्भ करते है.........................


Bishnu Prasad Rabha biography, bishnu prasad rabha image
Image Created By Pankaj Jyoti Mahanta
Related Articles: -



"Kalaguru" बिष्णु प्रशाद राभा जी का जनम हुआ था सन 1909 के 31 जनुअरी को वर्तमान बंगलादेश के ढाका शहर में।

उनके पिताजी के नाम  Sawrdar Bahadur Gopal Chandra Musahari और माताजी Gethibala Rabha थे। राभा जी के पिताजी एक बहुत बड़े पुलिस अफसर थे।

जिसके कारन बच्चपन से ही उनको आर्थिक क्षेत्र में कोई भी समस्या या अभाव का सामना नहीं करना पड़ा।

ज्यादातर बच्चो के क्षेत्र में देखा जाता है की ज्यादा धन-सम्पद और बिलास के कारन उनका चरित्र अच्छे से बुरे की और ढलने लगता है लकिन जब राभा जी की बात अाति है तब इसका उलटा परिणाम ही देखने को मिलता है।

बचपन से ही वे गरीबो के दुःख दुर्दशा के प्रति अति सहानुभूतिशील थे। यही वो कारन है जिसके कारन बाद में वे communism के प्रति आकर्षित हुए।

बिष्णु प्रशाद राभा जी का छात्र जीबन प्रारम्भ हुआ था तेज़पुर से यहा पर उन्होंने Tezpur Government High School से पढाई सुरु की थी और बाद में उच्च शिक्षा के लिए कोलकोता चले गए थे।

ये सच्च है की राभा जी बिज्ञान के छात्र थे लकिन उनके कार्य में कलागत दिशाओ का ही ज्यादा प्रभाव देखने को मिलते थे।


Related Articles: -


जिस समय बिष्णु प्रसाद राभा छोटे उम्र के थे उसी समय भारत में स्वतंत्रता के लिए ब्रिटिशो के विरुद्ध आंदोलन चल रहे थे।

इसीलिए बहुत ही छोटे उम्र से ही वे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने को जुट गए। समाज के दुर्बल श्रेणी के लोगो के दुःख दुर्दशा के प्रति सहानुभूतिशील होने के कारण अति कम उम्र में ही वे communism के प्रति आकर्षित हुए थे।

द्वितीय महायुद्ध के समय जब जर्मनी ने Soviet Union-को आक्रमण किआ उस समय भारत के left wing -दलो ने ब्रिटिश सरकार को समर्थन देने का फैसला कर लिआ, इसमें बिष्णु प्रसाद राभा भी शामिल हुए थे क्योकि वे भी एक communist ही थे।

बिष्णु प्रसाद राभा की जीबनी के सांस्कृतिक अध्याय (Cultural Part of Bishnu Prasad Rabha biography in Hindi)

राभा जी बहुमुखी प्रतिभा के अधिकारी व्यक्ति थे।

उनकी कोई एक ही प्रतिभा नहीं थी ,वो एक अभिनेता ,नर्तक ,चित्रकार ,राजनैतिक ,कबि ,लेखक ,स्वाधीनता के यौद्धा भी थे।

बिष्णु प्रसाद राभा एक महान कबिता (Poems of Bishnu Prasad Rabha) है मेघमल्लार , जो आज भी लोगो के मन को छू रहे है। 

असम राज्य में जिस व्यक्ति को महापुरुष के नाम से जाने जाते है यानि महापुरुष शंकरदेव उनकी भी पहली काल्पनिक तस्वीर  बिष्णु राभा जी ने ही बनायीं थी।

किसी को प्रकितार्थ मालूम नहीं की महापुरुष शंकरदेव कैसे देखते थे, लकिन उनकी बनायीं तस्बीर देखने से ऐसा लगता है की वे वैसा ही देखते थे, जैसा की तस्बीर में है।

इसके अलाबा उन्होंने करीब 100 गानो का रचना किआ था। Baan theater भी उन्ही की सृष्टिओ में से एक है। उनके दुवारा निर्देशित Siraj और Era Bator Sur दो बहुत ही बिख्यात असामीज सिनेमा है।

जिस भूपेन हज़ारिका को असोमिआ समाज असम के कलाकारों का नेता के रूप में जानते है वो भूपेन हज़ारिका इन्ही का एक शिष्य थे।

आज असम में बिष्णु राभा की किर्तिओं को सम्मानीत करने के हेतु हर साल असम के प्रतिभाशाली कुछ लोगो को Bishnu Rabha Bota पुरस्कार स्वरुप दिआ जाता है।

बिष्णु प्रसाद राभा की जीबन में रचित कुछ अमूल्य संगीत (kalaguru bishnu prasad rabha songs)

1. Ajoali Suali
2. Bilote Haalise
3. O phul, O phul
4. Kakhote Kolosi Loi
5. Junbai ei tora eti dia
6. Ulahere Nasi Baagi
7. Roi Roi Keteki
8. Rodali Ae Road De

No comments:

Post a Comment